Monday, 5 February 2018

निबंध

दीपावली विशेष 
निबंध रचना

Friday, 2 February 2018

कौन अपना कौन पराया
जिसे अपना समझा उसी ने समझाया

मन चंगा तो कठौती में गंगा

अनुभव व्यक्ति का सर्वोच्च है फिर वह चाहे बचपन का हो या बुढ़ापे का एवं दुख ही सुख का संसार है

इच्छा शक्ति प्रबल होनी चाहिए तो मुश्किल कुछ नहीं होता फिर चाहे वह आपके अंदर की हो या पहाड़ की चढ़ाई

तितली और मधुमक्खी संवाद

तितली:- मधुमक्खी दीदी आप फूलों से रस निकलती हो,छत्ता बनाती हो परंतु उसे मनुष्य निकाल ले जाते हैं क्या आप को इस क्रिया से दुःख नही होता?

मधुमक्खी:- नही मुझे इस बात की कोई तकलीफ नही होती! लेकिन वे केवल शहद का छत्ता ही ले जाते हैं ना,मेरे हुनर को तो नही ले जा पाते हैं। मैं फिर से शहद का छत्ता बना लुगीं

सुविचार

गुजरा समय और गुजरे लोग वापस नहीं आते

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